विधानसभा चुनावों में आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर हर बार चुनाव आयोग की बड़ी-बड़ी बातें सुनने में आती हैं, लेकिन आचार संहिता के पालन को लेकर प्रशासन नेताओं के सामने नतमस्तक ही नजर आता है. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी राजनीतिक पार्टियां खुलेआम आचार संहिता का माखौल उड़ा रही हैं. राजधानी देहरादून में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों के बड़े-बड़े होर्डि्ंग्स सरकारी दीवारों से लेकर नेशनल हाइवे पर नजर आ रहे हैं, जिनमें जहां भाजपा, 'ना भय ना भ्रष्टाचार अबकी बार भाजपा सरकार' कहती नजर आ रही है. वहीं, कांग्रेस सबकी चाहत हरीश रावत सरकार बता रही है.और अधिक »
News18 इंडिया Sun, 22 Jan 2017 10:07:47 GMTView
बीते कुछ समय से जो जगह-जगह 'सबकी चाहत, हरीश रावत' के नारे दिखाई दे रहे हैं, वे उसी रणनीति के तहत है. हरीश रावत ने चुनावों की कमान पूरी तरह से अपने हाथों में काफी समय पहले ही ले ली थी और आज वे कांग्रेस का एकमात्र चेहरा बन गए हैं.' इसके उलट भाजपा में मुख्यमंत्री पद के दावेदार तो कई हैं लेकिन इनमें एक भी ऐसा नाम नहीं है जिसपर सभी सहमत दिखते हों. पत्रकार जय सिंह रावत बताते हैं, 'भाजपा में रमेश पोखरियाल 'निशंक', भगत सिंह कोश्यारी और भुवन चंद्र खंडूड़ी ऐसे नाम हैं जो पहले भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आज भी इस पद की मुख्य दौड़ में शामिल हैं. लेकिन इनमें से किसी एक नाम पर सहमति बनाना ...
सत्याग्रह Sat, 14 Jan 2017 07:10:09 GMTView
इस बार विकास के क्षेत्र में प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाकर और सबकी चाहत हरीश रावत के नारे के साथ वोट मांग रहे हैं। वह विधायक की कुर्सी कब्जाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं, पर भतरौंजखान में भितरघात से चुनावी समीकरणों पर असर पड़ता दिख रहा है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस क्षेत्र के 10 हजार वोटों में सेंधमारी किस हद तक होती है, दिग्गजों की जीत-हार इससे प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस के इस गढ़ में नैनवाल की सेंधमारी के कुछ हद तक प्रभावी होने के आसार हैं। नैनवाल की पत्नी यहां से ब्लॉक प्रमुख हैं। मतदाताओं में भले ही खामोशी हैं, लेकिन पहली बार चुनाव मैदान ...और अधिक »
अमर उजाला Wed, 08 Feb 2017 20:18:52 GMTView
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