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चुनावी माहौल बनाने में नारों का अहम रोल होता है, लेकिन चुनाव दर चुनाव पुराने नारे रिपीट होते जा रहे हैं। इस चुनाव में भी यही बानगी देखी जा रही है। भाजपा का 'आओ बदले उत्तराखंड' का नारा हो या कांग्रेस 'रावत पूरे पांच साल' का नारा नयापन किसी में भी नजर नहीं आ रहा है। भाजपा ने प्रदेश में चुनावी नारों को लेकर होर्डिंगवार छेड़ दिया है। यूएस एडवरटाइजिंग एजेंसी इस काम को अंजाम दे रही है। पार्टी ने 'क्या हाल', 'आओ बदले उत्तराखंड', 'सरकार बदलने की तैयारी' जैसी थीम पर करीब 25 अलग -अलग प्रकार के होर्डिंग तैयार किए हैं। लेकिन नारे कुल मिलाकर सत्तापक्ष को चुनौती देते सामान्य नारे ...
Live हिन्दुस्तान Wed, 18 Jan 2017 12:12:20 GMTView
सीएम हरीश रावत के लिए कांग्रेस ने नारा दिया, 'सबकी चाहत, हरीश रावत'। यह नारा चर्चित होने लगा तो इसका जवाब भाजपा ने और तीखा नारा देकर दिया, 'सबकी आफत, हरीश रावत'। इस नारेबाजी से सियासी माहौल और गरम हो गया। चाहत व आफत में फंसे सीएम को निकालने के लिए कांग्रेस ने फिर तमाम नए नारे उछाल दिए हैं। कांग्रेस ने 12 जनवरी को हल्द्वानी में हुए बूथ चौपाल में नया नारा उछाला 'उत्तराखंड रहे खुशहाल, रावत पूरे पांच साल'। इसके अलावा 'उत्तराखंड की है दरकार, रावत सरकार फिर एक बार', 'उत्तराखंड का विकास, कांग्रेस के हाथ' को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है।
दैनिक जागरण Sun, 15 Jan 2017 16:04:13 GMTView
बीते कुछ समय से जो जगह-जगह 'सबकी चाहत, हरीश रावत' के नारे दिखाई दे रहे हैं, वे उसी रणनीति के तहत है. हरीश रावत ने चुनावों की कमान पूरी तरह से अपने हाथों में काफी समय पहले ही ले ली थी और आज वे कांग्रेस का एकमात्र चेहरा बन गए हैं.' इसके उलट भाजपा में मुख्यमंत्री पद के दावेदार तो कई हैं लेकिन इनमें एक भी ऐसा नाम नहीं है जिसपर सभी सहमत दिखते हों. पत्रकार जय सिंह रावत बताते हैं, 'भाजपा में रमेश पोखरियाल 'निशंक', भगत सिंह कोश्यारी और भुवन चंद्र खंडूड़ी ऐसे नाम हैं जो पहले भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आज भी इस पद की मुख्य दौड़ में शामिल हैं. लेकिन इनमें से किसी एक नाम पर सहमति बनाना ...
सत्याग्रह Sat, 14 Jan 2017 07:10:09 GMTView
DEHRADUN: Even as the mercury hit one of the lowest temperatures of the season on Wednesday, the day witnessed rising political temperatures via a "Twitter war" that erupted between CM Harish Rawat's supporters and detractors. Two separate hash-tags ...और अधिक »
Times of India Wed, 11 Jan 2017 17:26:49 GMTView
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